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दिग्विजय सिंह ने खोजी प्रज्ञा ठाकुर की काट, क्या साधुओं का हठयोग आएगा काम

आउटलुक टीम - MAY 07 , 2019
दिग्विजय सिंह ने खोजी प्रज्ञा ठाकुर की काट, क्या साधुओं का हठयोग आएगा काम
ANI

लोकसभा चुनाव के अब महज दो चरण बाकी रह गए हैं। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने वोटरों को रिझाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। इस बीच मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में काफी गहमागहमी है। यहां 12 मई को मतदान होना है। यहां भाजपा की तरफ से मालेगांव ब्लास्ट आरोपी प्रज्ञा ठाकुर और कांग्रेस की तरफ से दिग्विजय सिंह उम्मीदवार हैं। प्रज्ञा ठाकुर लगातार आरोप लगाती रही हैं कि दिग्विजय ने हिंदुओं को बदनाम करने के लिए 'हिंदू आतंकवाद' शब्द का प्रयोग किया। तमाम ग्राउंड रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनका यह दांव जमीन पर असर करता दिख रहा था। अब दिग्विजय ने उनकी काट के लिए ट्रंप कार्ड चला है। वह हिंदुत्व, राष्ट्रवाद और कथित हिंदू आतंकवाद को काउंटर करने के लिए साधुओं का सहारा ले रहे हैं। 

भोपाल में कंप्यूटर बाबा की अगुआई में दिग्विजय के समर्थन के लिए साधुओं ने धूनी रमाई है। इसके साथ ही सैकड़ों साधु-संत भी हठयोग पर बैठे हुए हैं। 

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने अपनी पत्नी और कंप्यूटर बाबा के साथ भोपाल में पूजा की, जहां सैकड़ों साधु जुटे हुए थे। यहां साधुओं के लिए धूनी स्थल बनाया गया है, जहां साधु-संत हठयोग समेत तमाम योग मुद्राओं में नजर आ रहे हैं। कांग्रेस के इस कदम को प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ काउंटर के रूप में देखा जा रहा है।

क्या है इसके पीछे दिग्विजय का गणित

मालेगांव ब्लास्ट की आरोपी और भाजपा उम्मीदवार प्रज्ञा ठाकुर की छवि कट्टर हिंदू की है। पिछले दिनों पीएम मोदी समेत भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने जिस तरह 'हिंदू आतंकवाद' का जिक्र कर हिंदुओं को बदनाम करने की कोशिश की, प्रज्ञा ठाकुर उसी का जवाब हैं। वह हमारे देश की संस्कृति का प्रतीक हैं।

 दिग्विजय सिंह पर 'हिंदू आतंकवाद' शब्द का प्रयोग करने के आरोप लगाते रहे हैं। ऐसे में भाजपा उनकी छवि एंटी हिंदू दिखाने की कोशिश में है। भाजपा ने दिग्विजय के ‘ओसामा जी’ वाले बयान को भी बड़ा मुद्दा बनाया था। दिग्विजय सिंह साधुओं के माध्यम से अपनी कथित एंटी हिंदू छवि को तोड़ने की कोशिश में हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश में नर्मदा यात्रा भी की थी। इसे हिंदू वोटों को अपनी तरफ खींचने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है। यह कांग्रेस का वही सॉफ्ट हिंदुत्व है, जिसकी चर्चा बीच-बीच मे होती रहती है।

राम मंदिर को लेकर मोदी का विरोध

भोपाल में हठयोग के लिए साधुओं के साथ जुटे कंप्यूटर बाबा ने मीडिया से बातचीत में बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'बीजेपी सरकार पांच साल में राम मंदिर भी नहीं बना पाई। अब राम मंदिर नहीं तो मोदी नहीं।' बता दें कि कंप्यूटर बाबा को शिवराज सरकार के कार्यकाल में दर्जा प्राप्त मंत्री का पद मिला था।

क्या होता है हठयोग

हठयोग विचारों के प्रवाह को संसार की ओर जाने से रोककर अंतर्मुखी करने की एक प्राचीन भारतीय साधना पद्धति है, जिसमें सुप्त कुंडलिनी को जाग्रत कर नाड़ी मार्ग से ऊपर उठाने का प्रयास किया जाता है और विभिन्न चक्रों में स्थिर करते हुए उसे शीर्षस्थ सहस्त्रार चक्र तक ले जाया जाता है। हठयोग प्रदीपिका इसका प्रमुख ग्रंथ है। हठयोग करने वाला विभिन्न तरीकों से अपने शरीर को यातना भी देता है।

हठयोग, योग के कई प्रकारों में से एक है। योग के अन्य प्रकार ये हैं- मंत्रयोग, लययोग, राजयोग। हठयोग के आने के बाद प्राचीन 'अष्टांग योग' को 'राजयोग' की संज्ञा दे दी गई।

हठयोग साधना की मुख्य धारा शैव रही है। यह सिद्धों और बाद में नाथों द्वारा अपनाया गया। मत्स्येन्द्रनाथ और गोरखनाथ उसके प्रमुख आचार्य माने गए हैं। गोरखनाथ के अनुयायी प्रमुख रूप से हठयोग की साधना करते थे। उन्हें नाथ योगी भी कहा जाता है। शैव धारा के अतिरिक्त बौद्धों ने भी हठयोग की पद्धति अपनायी थी। इस योग का महत्व वर्तमान काल मे उतना ही है जितना पहले था। प्रयागराज के कुंभ मेले में तमाम ऐसे साधु दिख जाते हैं, जो हठयोग करते हैं। इनमें कोई सालों से एक पैर पर खड़ा होता है, कोई जमीन में गड्ढा बनाकर ध्यान लगाता है, कोई पानी में, कोई सिर के बल के खड़ा होता है वगैरह।

शोभायात्रा के माध्यम से हिंदू वोट साधने की कोशिश

दिग्विजय के समर्थन में 8 मई को भोपाल में एक बड़ी शोभायात्रा भी निकाली जाएगी। इस अभियान की कमान कंप्यूटर बाबा के ही हाथ में है। बताया जा रहा है कि रोड शो की तरह होने वाली इस शोभायात्रा में करीब 7 हजार साधु-संत शामिल होंगे। भोपाल सीट पर छठे चरण के तहत 12 मई को मतदान है। इस सीट पर लंबे अरसे से बीजेपी का कब्जा है। इस शोभायात्रा के माध्यम से भी दिग्विजय सिंह प्रज्ञा ठाकुर को चुनौती देने का प्रयास करेंगे।

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