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राजनेता बनने का मौका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने नेता से राजनेता बनने और बड़े वैश्विक नेताओं की तरह इतिहास में दर्ज होने का मौका है। यह अब उन पर है कि वे क्या करते हैं

नए समीकरणों की सरकार

दूसरी मोदी सरकार में कई नए चेहरे आए तो कई पुराने विदा हुए लेकिन जाति और क्षेत्रीय समीकरणों में भाजपा की भावी योजनाओं का ख्याल, सहयोगियों को महज सांकेतिक प्रतिनिधित्व

नतीजों का फलसफा

एनडीए की आश्चर्यजनक जीत और विपक्ष की चुनौती धराशायी होने के मायने

मैं निराश हूं!

त्वरित वैश्विक संचार के इस युग में हर जगह हर चुनाव वैश्विक रुझानों का प्रतिबिंब है

नई लोकसभा के समीकरण

जनादेश 2019

बेजोड़ रणनीति की कामयाबी

भाजपा को अब भी शहरी और ब्राह्मण-बनिया पार्टी समझने की भूल का खामियाजा विपक्ष ने उठाया

जमीन की फिक्र कर गाफिल!

मोदी सरकार के खिलाफ विपक्षी गठबंधन तैयार न कर पाने की चूकों के साथ जनाधार खोने से मुकाबिल कांग्रेस अब कमान को लेकर उलझी

खुली गांठों का खामियाजा

यह भाजपा नीत गठबंधन की जीत से अधिक विपक्ष के बिखरे गठबंधन और उसके नेताओं के अहंकार और अति-आत्मविश्वास की हार

क्या लालू फैक्टर के दिन लदे?

मोदी-नीतीश के विकास के ‘डबल इंजन’ के सामने कारगर नहीं रहा राजद के महागठबंधन का जातिगत और समुदाय का गणित

दरकती ममता की दीवार

भाजपा के उग्र तेवर को देखते हुए तृणमूल कांग्रेस के लिए विधानसभा चुनावों तक गढ़ बचाने की चुनौती

भगवा राष्ट्रवाद पर भरोसा

खराब रणनीति और कुशल नेतृत्व की कमी ने विपक्ष को दी करारी मात, अब विधानसभा चुनावों में मौका

कमल खिला, कमलनाथ बुझे

भाजपा की धुआंधार जीत की तपिश राज्य में कांग्रेस सरकार पर भी पड़ने के आसार मजबूत हुए

गढ़ में जोरदार वापसी

लोकसभा चुनाव में पताका फहरा कर भाजपा ने बघेल को घेरा

कांग्रेस तो मूल भी न बचा पाई

भाजपा ने ऐसा सूपड़ा साफ किया कि कांग्रेस का नशा उतरा

असरदार सरदार

नतीजों के लिहाज से कांग्रेस का प्रदर्शन 2014 की तुलना में बेहतर

अब विधानसभा पर नजर

लोकसभा चुनाव में सभी 10 सीटों पर जीत के बाद भाजपा खेल सकती है राज्य में जल्द चुनाव कराने का दांव

नवीन बाबू का जादू बरकरार

पांचवीं बार जीत का बनाया रिकॉर्ड, विपक्ष में भाजपा मजबूत

उम्मीदों पर फिरा पानी

नायडू को जगन से मिली मात, केसीआर को लगा झटका

अभेद्य द्रविड़ एकता

एआइएडीएमके के साथ गठजोड़ के बावजूद भाजपा छाप नहीं छोड़ पाई

नाउम्मीदी में उम्मीद की तलाश

क्या अनुच्छेद 370 के बहाने कश्मीरियत से छेड़छाड़ करेगी भाजपा?

सबसे बड़ी लड़इया रे...

इस बार बल्ले और गेंद की जंग में पिच की अहम भूमिका, कप्तानों की रणनीति पर भी होगी नजर

सख्त कदम उठाइए, वरना घिरने लगी है मंदी

मंदी के दौर में पहुंच चुकी अर्थव्यवस्था को कड़वी दवा की जरूरत, अगर श्रम सुधार, भूमि अधिग्रहण कानून में सुधार लाया जाता है और सरकार अंतरराष्ट्रीय ट्रेड वार का फायदा उठा लेती है तो अर्थव्यवस्थाअ रफ्तार पकड़ लेगी

ग्रामीण आर्थिकी को मजबूत करना जरूरी

मोदी सरकार ने पिछले पांच वर्षों के दौरान कृषि अर्थव्यवस्था और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए कई पहल की, फिर भी जरूरी सुधार अभी नीतियों या राजनैतिक बहस का हिस्सा नहीं

बेरोजगारों की अनदेखी न हो

तीन करोड़ लोग नौकरी की तलाश में हैं, उनके लिए नई सरकार को त्वरित कदम उठाने की जरूरत

बिलाशक सबका विश्वास ही हमारा मंत्र

बिहार और गुजरात जैसे अहम राज्यों के प्रभारी, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र यादव पार्टी की सांगठनिक रणनीति के अहम किरदारों में एक माने जाते हैं। लोकसभा चुनावों में भारी जीत के बाद आउटलुक के एसोसिएट एडिटर प्रशांत श्रीवास्तव से हुई उनकी बातचीत के अंशः

टीटीई की डायरी के बहाने रेल में देश

छियासठ प्रसंगों में पिरोई गई रेल जीवन की यह कथा कभी लंबी नहीं हो पाती क्योंकि कथा के हीरो और वाचक टीटीई की ड्यूटी बीच के स्टेशन पर खत्म हो जाती है

टीटीई की डायरी के बहाने रेल में देश

छियासठ प्रसंगों में पिरोई गई रेल जीवन की यह कथा कभी लंबी नहीं हो पाती क्योंकि कथा के हीरो और वाचक टीटीई की ड्यूटी बीच के स्टेशन पर खत्म हो जाती है

टीटीई की डायरी के बहाने रेल में देश

छियासठ प्रसंगों में पिरोई गई रेल जीवन की यह कथा कभी लंबी नहीं हो पाती क्योंकि कथा के हीरो और वाचक टीटीई की ड्यूटी बीच के स्टेशन पर खत्म हो जाती है

लंबी कविताओं में एक बड़ा क्षितिज

लगभग दो दर्जन कविता संग्रहों के कवि रामदरश मिश्र की लंबी कविताएं हाल ही में प्रकाशित हुई हैं

जवाहरलाल नेहरू और कांग्रेस

कांग्रेस के लिए जरूरी है, नेहरू की गरीब-समर्थक, धर्मनिरपेक्ष विरासत की राजनीति में पुनर्स्थापना

एप्पल के आलू

आलू अमेरिकन हो रहा है, मोबाइल चाइनीज हो लिया है

कांग्रेस को वैचारिक आधार पुनर्जीवित करना होगा

आम चुनाव में प्रज्ञा ठाकुर और भाजपा की जबर्दस्त जीत ने सावरकर की विचारधारा को आगे बढ़ाया है, शायद इससे मुकाबले के लिए कांग्रेस को गांधी, नेहरू और पटेल के संवाद और सिद्धांत रास्ता दिखा सकते हैं

राजकाज के कुछ जरूरी मुद्दे और मसले

नई सरकार को अगर देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करना है और वाकई 'सबका साथ, सबका विकास' के नारे को साकार करना है तो लोकतंत्र और लोकतांत्रिक अधिकारों पर जोर देना अहम