Home सिनेमा बॉलीवुड सनी देओल की फिल्मों को केबल ऑपरेटरों और सिनेमाघरों में दिखाने पर चुनाव आयोग ने लगाई रोक

सनी देओल की फिल्मों को केबल ऑपरेटरों और सिनेमाघरों में दिखाने पर चुनाव आयोग ने लगाई रोक

आउटलुक टीम - MAY 06 , 2019
सनी देओल की फिल्मों को केबल ऑपरेटरों और सिनेमाघरों में दिखाने पर चुनाव आयोग ने लगाई रोक
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चुनाव आयोग ने गुरदासपुर से भाजपा कैंडिडेट सनी देओल की फिल्मों पर 19 मई तक केबल ऑपरेटरों और सिनेमाघरों में दिखाने पर रोक लगा दी है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी कि सनी के रोड शो में उनकी फिल्मों के गानें और वीडियो चलाए जा रहे हैं। केबल ऑपरेटरों द्वारा टेलीविजन पर उनकी फिल्में चलाई जा रही हैं।
कांग्रेस की शिकायत के बाद पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी की ओर से जिला चुनाव अफसर पठानकोट और गुरदासपुर को हिदायतें जारी की गई हैं। इसी आधार पर गुरदासपुर लोकसभा हलके के सभी 9 विधानसभा के सिनेमाघरों, सभी केबल ऑपरेटरों को आदेश जारी किया गया है कि वे सनी देओल की फिल्में मतदान होने तक न दिखाएं।  

दो फिल्मों का प्रमोशन रुका

सन्नी के बेटे करण की पहली फिल्म पल-पल दिल के पास और उनकी ब्लैंक फिल्म का प्रमोशन रुका हुआ है। पूछने पर सन्नी बोले-इस पर नहीं बोलूंगा नहीं तो कहेंगे फिल्मों का प्रमोशन भी कर रहे हैं।

रोड शो दिखा रहे चैनल, खर्च सन्नी को देना होगा

2 मई को सन्नी ने डेरा बाबा नानक से पठानकोट तक रोड शो किया था जिसमें उमड़ी भीड़ और रोड शो को बार-बार टीवी चैनलों और फेसबुक पर दिखाया जा रहा था। चुनाव आयोग ने पठानकोट और गुरदासपुर के चुनाव अधिकारी को निर्देश दिया कि सारा खर्च कैंडिडेट और पार्टी के खाते में जोड़ें। आदेश में कहा कि सन्नी के रोड शो का वीडियो एक चैनल, फेसबुक, व्हाट्सएप ग्रुप और सोशल मीडिया पर बार-बार दिखाया जा रहा है।

लोग फिल्मी चेहरे देखकर वोट नहीं देते

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा फिल्म अभिनेता सनी देओल को पार्टी में शामिल करने व गुरदासपुर से उम्मीदवार बनाने के फैसले पर पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पलटवार किया था। कमेटी के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा था कि लोग फिल्मी चेहरे देखकर वोट नहीं देते।

फिल्मी सितारे लोगों को क्या दे सकते हैं?

पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा था कि लोग नौकरियां चाहते हैं, इंडस्ट्री चाहते हैं व अपने क्षेत्र का विकास चाहते हैं। फिल्मी सितारे लोगों को क्या दे सकते हैं? उन्होंने सन्नी देओल के भाजपा में शामिल होने पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि अब लोगों में जागरूकता आ चुकी है। लोग फिल्मी चेहरे देखकर वोट नहीं देते।

फिल्मी सितारों से जनता क्या उम्मीद कर सकती है’

जाखड़ ने कहा था कि फिल्मी सितारों का काम फिल्मों में अभिनय करना है। उनका उद्देश्य लोगों का मनोरंजन करना होता है तथा मनोरंजन करने के लिए भी लोगों से टिकट के पैसे वसूले जाते हैं। ऐसे फिल्मी सितारों से जनता क्या उम्मीद कर सकती है। सन्नी देओल कह रहे हैं कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को केन्द्र में 5 वर्ष और देने के मुद्दे को लेकर भाजपा ज्वाइन की है।

जाखड़ ने कहा था कि क्या सन्नी देओल में इतनी हिम्मत है कि वह मोदी से आंख में आंख मिलाकर नोटबंदी व जी.एस.टी. के कारण व्यापारियों, उद्यमियों व किसानों को पहुंचे नुक्सान के बारे में हिसाब मांग सके।

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