Home एग्रीकल्चर पालिसी केंद्र ने अरहर आयात की मात्रा को बढ़ाकर किया दोगुना, खुले बाजार में दो लाख टन बेचने का फैसला
केंद्र ने अरहर आयात की मात्रा को बढ़ाकर किया दोगुना, खुले बाजार में दो लाख टन बेचने का फैसला
केंद्र ने अरहर आयात की मात्रा को बढ़ाकर किया दोगुना, खुले बाजार में दो लाख टन बेचने का फैसला

केंद्र ने अरहर आयात की मात्रा को बढ़ाकर किया दोगुना, खुले बाजार में दो लाख टन बेचने का फैसला

केंद्र सरकार ने अरहर के आयात की मात्रा को दो लाख टन से बढ़ाकर चार लाख टन कर दिया है। दाल मिलें अक्टूबर तक चार लाख टन अरहर का आयात कर सकेंगी, साथ ही घरेलू बाजार में दालों की कीमतों को स्थिर रखने के लिए सरकार ने खुले बाजार में दो लाख टन अरहर बेचने का फैसला किया है।

खाद्य मंत्री राम विलास पासवान की अध्यक्षता में अंतर-मंत्रालयी समिति की बैठक में उक्त निर्णय किये गए। बैठक में खाद्य और उपभोक्ता मामलों के सचिवों के अलावा नाफेड तथा विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक के बाद खाद्य मंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि केवल मीडिया रिपोर्ट में अरहर दाल के दाम में तेजी की बात है। वैसे सरकार के पास अरहर दाल समेत दलहन के पर्याप्त भंडार हैं। समिति ने इस संदर्भ में 2-3 निर्णय किये हैं। देश में दाल की उपलब्धता पर चर्चा के बाद पासवान ने कहा कि सरकार ने निजी दाल मिलों माध्यम से अरहर दाल की आयात मौजूदा सीमा को 2 लाख टन से बढ़ाकर 4 लाख टन करने का निर्णय किया है। इसका आयात दाल मिलों द्वारा अक्टूबर तक किया जायेगा।

दो लाख टन की दी थी पहले अनुमति

उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि करीब 4 लाख टन अरहर दाल का आयात 30 अक्टूबर तक किया जाएगा। वाणिज्य मंत्रालय ने पहले 2 लाख टन अरहर दाल के आयात की अनुमति दी थी, साथ ही आयात के लिए दाल मिलों को लाइसेंस जारी कर रही है। सरकार ने स्थानीय किसानों के हितों की रक्षा के लिये 2017 में 2 लाख टन आयात सीमा लगाई थी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा समिति ने द्विपक्षीय आधार पर मोजाम्बिक से 1.75 लाख टन अरहर दाल के आयात की अनुमति दी है।

सरकार बाजार भाव पर बेचेगी दालें

पासवान ने यह भी कहा कि कीमतों पर अंकुश लगाने के लिये समिति ने करीब 2 लाख टन अरहर दाल बफर स्टॉक से खुले बाजार में बेचने का फैसला किया है। नोफेड से अरहर दाल बाजार में बिना नफा-नुकसान के बेचने को कहा गया है। मंत्री ने कहा कि इन उपायों से अरहर दाल की उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। कीमतों में वृद्धि मनोवैज्ञानिक आधार पर है। मानसून में देरी की आशंका से उत्पादन में गिरावट के अनुमान आधारित है।

दलहन उत्पादन अनुमान में कमी आने का अनुमान

उन्होंने कहा कि सरकार जमाखोरों तथा कालाबजारी करने वालों पर भी नजर रखेगी और किसी को भी ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी की अनुमति नहीं देगी। पासवान ने कहा कि सरकार के पास 39 लाख टन दाल का बफर भंडार है। इसमें अरहर दाल करीब 7.5 लाख टन है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में दाल का उत्पादन 2018-19 में घटकर 232 लाख टन रहने का अनुमान है जो इससे पूर्व वर्ष में 254.2 लाख टन था।